Shayari

दर्द शायरी

उदास शामों के लिए ईमानदार पंक्तियाँ।

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सन्नाटे की गूंज

रात के सन्नाटे में खुद से बात करते हैं, तेरी यादों के दीये रोज रात जलाते हैं। मिल न सके जो सफर में कभी उम्र भर को, उन्हीं को हम दिल की गहराइयों में चाहते हैं।

दर्द का सफर

चले थे हम तो किसी की तलाश में यारो, मगर खुद को ही कहीं खो बैठे रास्ते में। अब मंजिलों की कोई तमन्ना नहीं बची है, बस दर्द पाल लिए हैं हमने अपने वास्ते में।

बेवफा मौसम

मौसम की तरह लोग यहां रंग बदलते हैं, पलभर में अपनों को गैरों सा करते हैं। हमने तो सिर्फ मोहब्बत की थी सच्चे दिल से, पर उन्हें हमारे आंसुओं से भी कहां फर्क पड़ते हैं।

किस्मत के खेल

लिखी थी जो तकदीर में हमारे जुदाई, उसे मिटाने की कोशिशें तमाम कर लीं। मगर जो लकीरें हाथों में नहीं थीं हमारी, उन्हें पाने की चाहत में अपनी शामें बदनाम कर लीं।

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