नूर-ए-मोहब्बत
तेरी निगाहों का जादू कुछ ऐसा चल गया, कि इस बुझे हुए दीये में फिर से नूर आ गया। जमाना लाख रोके हमको इस राह चलने से, मगर यह दिल तो सिर्फ तुझ पर ही आ गया।
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