बेवफा मौसम

बेवफा मौसम

“
मौसम की तरह लोग यहां रंग बदलते हैं, पलभर में अपनों को गैरों सा करते हैं। हमने तो सिर्फ मोहब्बत की थी सच्चे दिल से, पर उन्हें हमारे आंसुओं से भी कहां फर्क पड़ते हैं।
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