दर्द का सफर

दर्द का सफर

“
चले थे हम तो किसी की तलाश में यारो, मगर खुद को ही कहीं खो बैठे रास्ते में। अब मंजिलों की कोई तमन्ना नहीं बची है, बस दर्द पाल लिए हैं हमने अपने वास्ते में।
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