#दर्द शायरी
हिन्दी
मौसम की उदासी
“
ये बारिशें भी अजीब दस्तूर लेकर आती हैं,
बुझे हुए दिलों में फिर से आग लगा जाती हैं।
बुझे हुए दिलों में फिर से आग लगा जाती हैं।
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