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कुल 409 परिणाम मिले खोज शब्द: शायरी

बदलाव की बयार

पत्ते गिरते हैं तो शाखों को नया रंग मिलता है, हर अंधेरे के बाद ही तो नया उमंग मिलता है। यूं ही नहीं बिखरती है जिंदगी कभी यारों, संवरने का मौका भी बस तंगियों के संग मिलता है।
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अंझाना मोड़

कदमों के निशान छोड़ कर आगे बढ़ चले हम, जिंदगी के हर एक इम्तिहान से लड़ चले हम। जीत की चाहत में अपनों को जो खोया कभी, उसी कसक के साथ आगे बढ़ चले हम।
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वक़्त के साए

वक़्त की चाल को कौन भला पहचान पाया है, यहाँ हर शख्स ने बस सबक ही नया पाया है। जो आज पास है कल शायद नजर न आए, इसी का नाम तो शायद असल में माया है।
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दोस्ती का साया

तूफान में भी जो साथ निभाए वो यार होता है, दिल के सबसे करीब जिसका प्यार होता है। मिल जाते हैं नसीब से ऐसे दोस्त जिंदगी में, जिनके होने से हर गम बेकरार होता है।
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बचपन की गलियां

वो कागज की कश्ती और बारिश का पानी, आज भी याद आती है वो पुरानी कहानी। भागती दौड़ती जिंदगी में सुकून ढूंढते हैं, पीछे छूट गई जो थी सुहानी जवानी।
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सपनों का आशियाना

खुले आसमान के नीचे कुछ सपने सजाए हैं, हमने भी जिंदगी को अपने ढंग से जिए हैं। आंधियां रोकेगी क्या हमारी उड़ान को, हमने तो हौसलों से पर बनाए हैं।
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खामोश रातें

इन खामोश रातों में एक अजीब सा शोर है, दिल किसी अपने की याद में चारों ओर है। चैन की नींद तो अब ख्वाब हो गई है, लगता है जैसे कोई नया ही दौर है।
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छोटी सी खुशी

जिंदगी के सफर में जरा मुस्कुरा कर चल, गमों को भूलकर उम्मीदें सजा कर चल। हर पल एक नया मौका देता है यारो, हर छोटी खुशी को दिल से अपना कर चल।
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मंजिल की ओर

कदमों की धमक से हर मुश्किल हार जाएगी, हौसलों की आग अंधेरों को चीर जाएगी। राहें चाहे जितनी भी कठिन क्यों न हों, एक दिन सफलता खुद चलकर पास आएगी।
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तन्हा रास्ते

चल पड़े हैं जब अकेले इस राह पर,
तो पीछे मुड़कर देखना क्या फायदा।
मंजिल खुद चलकर आएगी एक दिन पास,
यूं रास्तों से अब शिकायत करना क्या फायदा।
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अपनारूप

आईने में जब भी खुद को गौर से देखा है,
हर जख्म के पीछे एक नया सबक देखा है।
दूसरों को खुश करने की इस दौड़ में हमने,
खुद को ही हर मोड़ पर अकेला पाया है।
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सुकून की तलाश

दौलत के पीछे भागती इस दुनिया में,
सुकून कहीं कोने में चुपचाप रोता है।
दो वक्त की रोटी और अपनों का साथ हो,
इससे बड़ा इस जहां में कहां कुछ होता है।
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