#लाइफ शायरी
हिन्दी
सुकून की तलाश
“
दौलत के पीछे भागती इस दुनिया में,
सुकून कहीं कोने में चुपचाप रोता है।
दो वक्त की रोटी और अपनों का साथ हो,
इससे बड़ा इस जहां में कहां कुछ होता है।
सुकून कहीं कोने में चुपचाप रोता है।
दो वक्त की रोटी और अपनों का साथ हो,
इससे बड़ा इस जहां में कहां कुछ होता है।
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