#लाइफ शायरी
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बचपन की गलियां
“
वो कागज की कश्ती और बारिश का पानी, आज भी याद आती है वो पुरानी कहानी। भागती दौड़ती जिंदगी में सुकून ढूंढते हैं, पीछे छूट गई जो थी सुहानी जवानी।
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