सुबह का दरवाज़ा
दरवाज़ा खोलते ही हवा ने कहा,
कल वाली थकान यहीं छोड़ आओ।
कल वाली थकान यहीं छोड़ आओ।
0
सुबह की छोटी और गर्म शुभकामनाएँ।