बदलाव की बयार

बदलाव की बयार

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पत्ते गिरते हैं तो शाखों को नया रंग मिलता है, हर अंधेरे के बाद ही तो नया उमंग मिलता है। यूं ही नहीं बिखरती है जिंदगी कभी यारों, संवरने का मौका भी बस तंगियों के संग मिलता है।
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