अंझाना मोड़

अंझाना मोड़

“
कदमों के निशान छोड़ कर आगे बढ़ चले हम, जिंदगी के हर एक इम्तिहान से लड़ चले हम। जीत की चाहत में अपनों को जो खोया कभी, उसी कसक के साथ आगे बढ़ चले हम।
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