कागज़ के पन्ने
लिखी थी जो दास्तां हमने मोहब्बत के नाम से,
आज वही पन्ने भीग गए हमारे ही सलाम से।
आज वही पन्ने भीग गए हमारे ही सलाम से।
👁️ 1