पर्वत की चोटी पर ठहरी सुबह
हिमालय की बर्फीली चोटियों पर चढ़ाई करना आसान नहीं था, और तरुण के लिए तो बिल्कुल भी नहीं जो पहली बार ट्रेकिंग पर आया था। लेकिन उसका हौसला तब और बढ़ गया जब उसके ग्रुप की गाइड आरुषि ने उसका हाथ पकड़कर आगे का रास्ता आसान बना दिया। ठंडी हवाओं के थपेड़े और दुर्गम रास्ते दोनों को शारीरिक रूप से थका रहे थे, पर मानसिक रूप से वे एक-दूसरे के करीब आ रहे थे। जब सूरज की पहली किरण ने चोटी को छुआ, तो दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में जीत और प्यार दोनों की चमक देखी। पर्वत की ऊंचाइयों ने उन्हें सिर्फ एक मंजिल नहीं, बल्कि जिंदगी भर का हमसफर दे दिया।
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