#प्रेम कहानी
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पुरानी मीनार की सीढ़ियाँ
“
शहर के बीचों-बीच खड़ी वह पुरानी मीनार पर्यटकों के लिए सिर्फ एक खंडहर थी, पर कबीर और मीरा के लिए वह उनका निजी इतिहास थी। कबीर हर इतवार को वहाँ अपनी अधूरी पेंटिंग पूरी करने आता और मीरा शहर के इतिहास पर शोध करने। एक दिन अचानक हुई बारिश से बचने के लिए दोनों एक ही मेहराब के नीचे आ गए। बातों का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि इतिहास के पन्ने कब इश्क में बदल गए, किसी को पता ही नहीं चला। जब मीनार की घंटी ने शाम ढलने का ऐलान किया, तो दोनों समझ चुके थे कि उनका सफर अब अकेले का नहीं रहा।
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