#लाइफ शायरी
हिन्दी
बदलते मौसम
“
वक्त के साथ चेहरों के नकाब उतर जाते हैं,
जो अपने थे कभी, वो आज गैर नजर आते हैं।
बदलती दुनिया का बस इतना सा दस्तूर है,
यहां भरोसे के रास्ते बहुत दूर नजर आते हैं।
”
जो अपने थे कभी, वो आज गैर नजर आते हैं।
बदलती दुनिया का बस इतना सा दस्तूर है,
यहां भरोसे के रास्ते बहुत दूर नजर आते हैं।
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