#लाइफ शायरी
हिन्दी
उड़ान की जिद
“
पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है,
हर हार के बाद ही नई पहचान होती है।
झुकना मत कभी तूफानों के आगे ऐ मुसाफिर,
तुझमें ही तो एक नई आंधी की जान होती है।
हर हार के बाद ही नई पहचान होती है।
झुकना मत कभी तूफानों के आगे ऐ मुसाफिर,
तुझमें ही तो एक नई आंधी की जान होती है।
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