सुनसान प्लेटफॉर्म की लड़की
रोहन अपनी नाइट शिफ्ट खत्म करके आखिरी लोकल ट्रेन पकड़ने रेलवे स्टेशन पहुँचा। प्लेटफॉर्म पर चारों तरफ सन्नाटा था और केवल एक मंद पीला बल्ब जल रहा था। बेंच पर एक लड़की लाल साड़ी पहने सिर झुकाए बैठी थी और लगातार रो रही थी। रोहन ने जब उससे रोने का कारण पूछने के लिए आगे कदम बढ़ाया, तो उसने देखा कि लड़की के पैर उल्टी दिशा में मुड़े हुए थे। तभी ट्रेन की हॉर्न की आवाज़ गूँजी और प्लेटफॉर्म की सारी लाइटें बुझ गईं। अंधेरे में जब लाइट वापस आई, तो वह लड़की सीधे रोहन के ठीक सामने खड़ी थी और उसके मुँह से खून टपक रहा था।
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