Shayari

लाइफ शायरी

रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर छोटी टिप्पणियाँ।

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अपनारूप

आईने में जब भी खुद को गौर से देखा है,
हर जख्म के पीछे एक नया सबक देखा है।
दूसरों को खुश करने की इस दौड़ में हमने,
खुद को ही हर मोड़ पर अकेला पाया है।

सुकून की तलाश

दौलत के पीछे भागती इस दुनिया में,
सुकून कहीं कोने में चुपचाप रोता है।
दो वक्त की रोटी और अपनों का साथ हो,
इससे बड़ा इस जहां में कहां कुछ होता है।

उड़ान की जिद

पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है,
हर हार के बाद ही नई पहचान होती है।
झुकना मत कभी तूफानों के आगे ऐ मुसाफिर,
तुझमें ही तो एक नई आंधी की जान होती है।

बदलते मौसम

वक्त के साथ चेहरों के नकाब उतर जाते हैं,
जो अपने थे कभी, वो आज गैर नजर आते हैं।
बदलती दुनिया का बस इतना सा दस्तूर है,
यहां भरोसे के रास्ते बहुत दूर नजर आते हैं।

खुशियों का कारवां

गमों की धूप में भी मुस्कुराना सीख लिया,
हमने हर हाल में दिल को मनाना सीख लिया।
ये दुनिया तो यूं ही इम्तिहान लेगी हर रोज,
हमने भी अब मुस्कुराकर जीना सीख लिया।

अनकहे लम्हे

कुछ पन्ने जिंदगी के आज भी कोरे हैं,
कुछ किस्से हमारे आज भी अधूरे हैं।
ढूंढते हैं जिन्हें हम भीड़ में अक्सर,
वो अपने ही दिल के सबसे ज्यादा करीब हैं।

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छोटी सी खुशी

जिंदगी के सफर में जरा मुस्कुरा कर चल, गमों को भूलकर उम्मीदें सजा कर चल। हर पल एक नया मौका देता है यारो, हर छोटी खुशी को दिल से अपना कर चल।

खामोश रातें

इन खामोश रातों में एक अजीब सा शोर है, दिल किसी अपने की याद में चारों ओर है। चैन की नींद तो अब ख्वाब हो गई है, लगता है जैसे कोई नया ही दौर है।