सपनों का आकाश
छोटे से गाँव के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला रमन हमेशा रात को छत पर लेटे हुए तारों को निहारा करता था। उसके दोस्तों ने उसे कई बार समझाया कि आसमान छूना गरीबों के बस की बात नहीं है। लेकिन रमन ने हार नहीं मानी। उसने अपनी मेहनत और लगन से दिन-रात एक करके एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को आसान बना सके। आज वही रमन एक सफल उद्यमी था और उसने अपने गाँव के स्कूल का कायाकल्प कर दिया था। उसने साबित कर दिया कि सपने देखने वालों के लिए कोई सीमा नहीं होती।
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