🔍 सर्च इंजन

"पथ" के लिए खोज परिणाम

हिंदी, हिंग्लिश या इंग्लिश में शायरी, ग़ज़लें, शायर या विषय खोजें

हाल की खोजें: पथ
कुल 9 परिणाम मिले कीवर्ड: पथ

बंजर ज़मीन और बीज

गाँव के एक बुजुर्ग किसान मंगल सिंह ने अपनी सूखी और बंजर पड़ी ज़मीन पर जब आम का एक छोटा सा पौधा लगाया, तो पूरे गाँव के लोग हंसे। सबका यही कहना था कि इस पथरीली और पानीहीन मिट्टी में भला कौन सा पेड़ जीवित रह पाएगा। मंगल सिंह ने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया और हर रोज़ सुबह उठकर उस नन्हे पौधे को अपनी सूखी आँखों के सहारे ही सही, प्यार से सींचता रहा। मौसम बदलते गए, साल बीतते गए, और वह कमज़ोर पौधा धीरे-धीरे एक मजबूत पेड़ का रूप लेने लगा। एक दिन अचानक गाँव में भयंकर सूखा पड़ा, कुएँ सूख गए और लोग पलायन करने लगे। लेकिन मंगल सिंह का वही पेड़ आज पूरे इलाके के लिए छाँव और उम्मीद का एकमात्र सहारा बन चुका था। इस घटना ने सबको सिखा दिया कि विश्वास और मेहनत से बंजर ज़मीन पर भी हरियाली लाई जा सकती है।

नदी का अंतहीन सफर

हिमाचल की बर्फीली वादियों से निकलकर एक छोटी सी धारा ने सागर तक पहुँचने की ठानी। रास्ते में ऊँचे-ऊँचे पहाड़, पथरीली चट्टानें और विशाल रेगिस्तान आए, जो उसकी गति को रोकना चाहते थे। कई लोगों ने उसे डराया कि तुम्हारा अस्तित्व इन बाधाओं में मिट जाएगा, आगे बढ़ना असंभव है। लेकिन उस नन्हीं धारा ने हार नहीं मानी। उसने चट्टानों का रास्ता काटा, मरुस्थल की प्यास बुझाई और अपनी गति को धीमा नहीं पड़ने दिया। वह हर चुनौती से लड़ती हुई आखिरकार विशाल समुद्र में जा मिली और अमर हो गई। यदि वह रास्ते में ही रुक जाती, तो उसका पानी सूख जाता और उसका कोई वजूद नहीं रहता। यह कहानी हमें सिखाती है कि मंजिल चाहे जितनी दूर हो, यदि इरादे मजबूत हों तो हर रुकावट को पार किया जा सकता है।

अग्निपथ

राहों में कांटे तो बहुत मिलेंगे, पर फूलों की चाहत रखने वाले कभी रुकते नहीं। जो जलते हैं धूप में, वही दुनिया बदलते हैं।

कर्म पथ

किस्मत के भरोसे बैठने वाले हाथ मलते रह जाते हैं।
जो मेहनत की आग में तपते हैं, वही सितारे बन जाते हैं।
कर्म ही सच्ची पूजा है, यही जीवन का सार है।

विजय पथ

जो थका नहीं सफर में, वही इतिहास रचता है। पसीने की बूंदों से जो अपनी कहानी लिखता है, वही असली मुसाफिर कहलाता है।

अग्नि पथ

चलना है तो पथरीली राहों पर चल मेरे मीत, आसान रास्तों पर तो हर कोई गाता है गीत। जो जलता है तवे पर वही रोटी बनती है खासमखास, संघर्ष की भट्टी में ही तपकर मिलती है जीत।