#प्रेरणादायक कहानी
हिन्दी
नदी का अंतहीन सफर
“
हिमाचल की बर्फीली वादियों से निकलकर एक छोटी सी धारा ने सागर तक पहुँचने की ठानी। रास्ते में ऊँचे-ऊँचे पहाड़, पथरीली चट्टानें और विशाल रेगिस्तान आए, जो उसकी गति को रोकना चाहते थे। कई लोगों ने उसे डराया कि तुम्हारा अस्तित्व इन बाधाओं में मिट जाएगा, आगे बढ़ना असंभव है। लेकिन उस नन्हीं धारा ने हार नहीं मानी। उसने चट्टानों का रास्ता काटा, मरुस्थल की प्यास बुझाई और अपनी गति को धीमा नहीं पड़ने दिया। वह हर चुनौती से लड़ती हुई आखिरकार विशाल समुद्र में जा मिली और अमर हो गई। यदि वह रास्ते में ही रुक जाती, तो उसका पानी सूख जाता और उसका कोई वजूद नहीं रहता। यह कहानी हमें सिखाती है कि मंजिल चाहे जितनी दूर हो, यदि इरादे मजबूत हों तो हर रुकावट को पार किया जा सकता है।
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