विजयी भव

विजयी भव

“
हर असफलता सफलता का एक नया पाठ पढ़ाती है। जो गिरकर संभलना सीख गया, समझो उसने जीत का हुनर पा लिया।
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किस्मत के भरोसे जो बैठे रहते हैं, उनके हाथ हमेशा खाली ही रहते हैं। मेहनत का दीप जलाओ अपने हाथों से, अंधेरे भी खुद-ब-खुद रास्ता देते हैं।