कर्म पथ

कर्म पथ

“
किस्मत के भरोसे बैठने वाले हाथ मलते रह जाते हैं।
जो मेहनत की आग में तपते हैं, वही सितारे बन जाते हैं।
कर्म ही सच्ची पूजा है, यही जीवन का सार है।
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