परिश्रम की ज्योति
पसीने की बूंदों से जो इतिहास लिखते हैं, वे लोग कभी बाजार में नहीं बिकते हैं। चमकती है जिनकी किस्मत की लकीरें खुद, वे मेहनत की आग में रोज ही तपते हैं।
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