किस्मत का खेल

किस्मत का खेल

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किस्मत के भरोसे बैठने वाले हाथ मलते रह जाते हैं, जो खुद पर भरोसा करते हैं वे इतिहास रच जाते हैं। मेहनत का सिक्का हर जगह चलता है, इसे आजमाने से पीछे मत हट।
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किस्मत के भरोसे जो बैठे रहते हैं, उनके हाथ हमेशा खाली ही रहते हैं। मेहनत का दीप जलाओ अपने हाथों से, अंधेरे भी खुद-ब-खुद रास्ता देते हैं।