#लाइफ शायरी
हिन्दी
बदलाव का नियम
“
पतझड़ के बिना बहार का मजा कहां है,
हर मुश्किल के बाद ही तो खुदा की रजा है।
हर मुश्किल के बाद ही तो खुदा की रजा है।
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