Shayari

बेवफा शायरी

छूटे हुए भरोसे पर सीधी बात।

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दुआओं का असर

तुम्हारी खुशियों की खातिर खुदा से दुआ मांगी थी, बदले में तुमने हमारी दुनिया ही उजाड़ डाली। वाह रे इश्क तेरा यह कैसा सिला मिला, जिसे चाहा उसी ने हमारी हस्ती मिटा डाली।

तन्हा सफर

तेरी बेवफाई का गम अब हम छुपाते नहीं, किसी के आगे हाथ कभी हम फैलाते नहीं। अकेले चलना सीख लिया है इन अंधेरों में, किसी बुझते हुए दीये को अब हम जलाते नहीं।

रंग बदलते लोग

मौसम की तरह लोग बदलते हमने देखे हैं, एक पल में अपने और अगले पल पराये देखे हैं। जिन्हें सीने से लगाकर महफूज रखते थे हम, उन्हीं के हाथों में खंजर छुपा देखा है।

अश्कों की दास्तां

रात भर जागकर हमने अपने ही ख्वाब जलाए हैं, तुम्हारी बेवफाई के चर्चे अब हर गली सुनाए हैं। संभल जाना तुम भी इस फरेबी दुनिया में, हमने तो बस अपनों से ही जख्म खाए हैं।

बदले हुए चेहरे

नकाब उतर ही गया आखिरकार एक दिन, जैसा सोचा था तुमको, वैसा पाया नहीं। हमने तो अपनी पूरी दुनिया बसा ली थी तुझमें, अफसोस तू इस काबिल कभी था ही नहीं।

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