#बेवफा शायरी
हिन्दी
तन्हा सफर
“
तेरी बेवफाई का गम अब हम छुपाते नहीं, किसी के आगे हाथ कभी हम फैलाते नहीं। अकेले चलना सीख लिया है इन अंधेरों में, किसी बुझते हुए दीये को अब हम जलाते नहीं।
👁️ 1 बार पढ़ा गया
❤️ लोगों ने पसंद किया
टिप्पणियाँ
अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।
लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।