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काफिला तन्हाई का

काफिला तन्हाई का

“
भीड़ में भी हम अकेले ही रह गए, तेरे दिए धोखे बस सहते ही रह गए।
”
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खामोश तन्हाई

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बदले हुए रास्ते

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फरेब की रात

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