🔍 सर्च इंजन

"अंदाज" के लिए खोज परिणाम

हिंदी, हिंग्लिश या इंग्लिश में शायरी, ग़ज़लें, शायर या विषय खोजें

हाल की खोजें: अंदाज सफलता
कुल 40 परिणाम मिले कीवर्ड: अंदाज

सपनों का खौफनाक सफर

अमित को पिछले कुछ दिनों से एक ही सपना बार-बार आ रहा था, जिसमें एक सुनसान सड़क पर कोई उसका पीछा कर रहा था। शुरुआत में उसने इसे महज एक आम सपना समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन एक रात उसने सपने में खुद को उस सड़क पर सचमुच दौड़ते हुए पाया। जब उसकी नींद खुली, तो उसके पैरों में असली धूल और मिट्टी जमी हुई थी। अगली रात, उसने तय किया कि वह सपने के अंत तक जाएगा और उस पीछा करने वाले का चेहरा देखेगा। जैसे ही वह मुड़ा, उसने पाया कि वह भयानक साया कोई और नहीं बल्कि उसका अपना ही अतीत था।

अधूरा मिट्टी का खिलौना

कुम्हार मदन लाल अपनी मिट्टी की दुकान में अकेले बैठकर चाक चला रहा था। उसने रात में एक अजीब सी आकृति को मिट्टी से खुद-ब-खुद आकार लेते देखा। उसे लगा कि शायद यह उसका भ्रम है, इसलिए उसने नजरअंदाज कर दिया और दुकान बंद करने लगा। तभी एक छोटे बच्चे की रोने की आवाज गूंजी और टेबल पर रखा वो अधूरा मिट्टी का खिलौना अपने आप चलने लगा। मदन ने डरते हुए उस खिलौने के पास जाकर देखा तो उसके रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि वह खिलौना बिल्कुल उसके अपने बचपन के उस खिलौने जैसा था जो तीस साल पहले खो गया था।

अंतिम पन्ने की इबारत

पुस्तकालय के सबसे कोने वाले धूल भरे शेल्फ से जब अक्षित ने एक पुरानी डायरी निकाली, तो उसके पन्ने पीले पड़ चुके थे। उसने जैसे ही डायरी का पहला पन्ना पलटा, उस पर उसी दिन की तारीख और उसका अपना ही नाम लिखा हुआ था। हैरानी की बात यह थी कि उस पर लिखा हुआ था कि आज रात ठीक बारह बजे अक्षित अपनी ही अलमारी के सामने दम तोड़ देगा। उसने इसे किसी का भद्दा मजाक समझकर नजरअंदाज कर दिया और अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया। रात के ग्यारह बज चुके थे और कमरे की खिड़कियां अपने आप जोर-जोर से खड़खड़ाने लगीं। जैसे ही घड़ी में बारह बजे, डायरी का आखिरी पन्ना अपने आप पलट गया और कमरे की बत्ती हमेशा के लिए गुल हो गई।

घड़ीसाज की अनोखी सीख

एक छोटे शहर में एक बूढ़ा घड़ीसाज रहता था, जिसकी बनाई घड़ियां कभी गलत समय नहीं दिखाती थीं। एक दिन एक युवा कारीगर उसके पास आया और उसने अपनी नाकामी का दुख रोया कि लाख कोशिशों के बाद भी उसकी घड़ियां ठीक नहीं चल पा रही हैं। बूढ़े घड़ीसाज ने मुस्कुराकर एक रुकी हुई पुरानी दीवार घड़ी उठाई और उसे ध्यान से देखने को कहा। उसने समझाया कि हर पुर्जा छोटा हो या बड़ा, अपना एक खास काम रखता है और अगर एक भी पहिया अपनी जगह से जरा सा भी हिल जाए, तो पूरा समय चक्र गड़बड़ा जाता है। युवा कारीगर को अपनी गलती समझ आ गई कि वह जल्दबाजी में छोटे कामों को नजरअंदाज कर रहा था। उसने धैर्य के साथ दोबारा काम शुरू किया और कुछ ही दिनों में एक बेहतरीन घड़ी बना डाली। इस घटना ने उसे सिखाया कि जीवन में हर छोटे प्रयास का अपना बहुत बड़ा महत्व होता है।

बड़ों का आशीर्वाद और अनुभव

शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में राहुल नाम का एक युवा छात्र पढ़ता था। उसे अपने ज्ञान पर बहुत अभिमान था और वह अपने शिक्षकों व बुजुर्गों की बातों को हमेशा अनसुना कर देता था। उसे लगता था कि आधुनिक युग में पुरानी पीढ़ी के अनुभवों का कोई महत्व नहीं है। एक दिन कॉलेज की तरफ से एक कठिन पर्वतारोहण अभियान का आयोजन किया गया। राहुल अपने घमंड में सबसे आगे निकल गया और अनुभवी गाइड की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। कुछ ही दूर जाने पर वह एक खतरनाक रास्ते पर फंस गया और बुरी तरह डर गया। तभी वहां गाँव के एक बुजुर्ग चरवाहे ने आकर उसकी जान बचाई और सही रास्ता दिखाया। राहुल को समझ आया किताबी ज्ञान से बड़ा बुजुर्गों का अनुभव होता है।

छाया और प्रकाश

सूरज की रोशनी से डरने वाले अंधेरे में छुपते हैं, हम तो वो उजाला हैं जो अंधेरे को भी चीर कर आगे निकल जाते हैं। हमारा अंदाज सबसे जुदा और सबसे पक्का है।

सिक्कों की खनक

सिक्के आवाज करते हैं पर नोट हमेशा खामोश रहते हैं, इसलिए हमने भी शोर मचाना छोड़ दिया है। हमारी मौजूदगी ही विरोधियों के होश उड़ाने के लिए काफी है।