मंजिल की राह
कठिन रास्तों से डरना कैसा, कदम बढ़ाकर तो देख।
तूफानों का रुख भी मोड़ दे, ऐसा हौसला रख।
तूफानों का रुख भी मोड़ दे, ऐसा हौसला रख।
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