कर्मठता

कर्मठता

“
सोचने से कहां मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,चलना भी जरूरी है मंजिल को पाने के लिए।
👁️ 1 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)

मन का सुकून

शिकायतें छोड़कर शुक्राना करना सीखो, जीवन का हर पल एक खूबसूरत तोहफा है। जो मिला है उसे प्यार से अपनाओ, यही जीने का सबसे अच्छा तरीका है।