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कर्म की खुशबू

कर्म की खुशबू

“
फूल बनकर सिर्फ मुस्कुराना काफी नहीं,
खुशबू बनकर हवाओं में बिखरना सीखो।
मिलती है मंजिल सिर्फ चाहने से यहां,
यह सोचना छोड़ो और आगे बढ़ना सीखو।
”
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