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त्योहारों की धूम

त्योहारों की धूम

“
आंगन में सजी है दीपों की कतार,
खुशियों से महक रहा है पूरा संसार।
मिलकर मनाओ उत्सव यह प्यार का,
आया है घर-घर बहार का त्योहार।
”
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