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सلطान का अंदाज़

सلطान का अंदाज़

“
ताज की फितरत हमें कभी रास नहीं आई,
हम तो अपनी मेहनत से अपनी सल्तनत बनाते हैं।
लोग राजा बनने का ख्वाब देखते हैं,
हम खुद को अपना बादशाह मानते हैं।
”
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