रंग बदलते लोग
मौसम की तरह लोग बदलते हमने देखे हैं, एक पल में अपने और अगले पल पराये देखे हैं। जिन्हें सीने से लगाकर महफूज रखते थे हम, उन्हीं के हाथों में खंजर छुपा देखा है।
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