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Shayari

Shayari, quotes, wishes and stories worth keeping.

रंग बदलते लोग

मौसम की तरह लोग बदलते हमने देखे हैं, एक पल में अपने और अगले पल पराये देखे हैं। जिन्हें सीने से लगाकर महफूज रखते थे हम, उन्हीं के हाथों में खंजर छुपा देखा है।

अश्कों की दास्तां

रात भर जागकर हमने अपने ही ख्वाब जलाए हैं, तुम्हारी बेवफाई के चर्चे अब हर गली सुनाए हैं। संभल जाना तुम भी इस फरेबी दुनिया में, हमने तो बस अपनों से ही जख्म खाए हैं।

बदले हुए चेहरे

नकाब उतर ही गया आखिरकार एक दिन, जैसा सोचा था तुमको, वैसा पाया नहीं। हमने तो अपनी पूरी दुनिया बसा ली थी तुझमें, अफसोस तू इस काबिल कभी था ही नहीं।

अधूरा रिश्ता

एक दौर था जब तुम्हारी सांसे हमारी हुआ करती थीं, अब तो गैर भी हाल पूछने से कतराते हैं। किस्मत का खेल देखो या तुम्हारी बेरुखी, हमारे अपने ही हमें रुलाते हैं।

मजबूरी का पर्दा

वक्त की कमी या हालात का रोना रोते हो, हर बात पर तुम अब नया बहाना ढूंढते हो। बेवफाई को मजबूरी का नाम देना छोड़ दो, हम सब समझते हैं बस कुछ कहते नहीं हैं।

वफा का सिला

हमने तो शिद्दत से चाहा था तुम्हें इस कदर, की खुद की परछਾਈ से भी ज्यादा एतबार किया। बदले में तुमने क्या दिया इस मोहब्बत का सिला, हर मोड़ पर हमें ही गुनहगार साबित कर दिया।

अजनबी रास्ते

जिन रास्तों पर कभी साथ चलने की कसमें खाई थीं, आज उन्हीं गलियों से गुजरने में डर लगता है। सफर वही है, हम भी वही हैं, बस कोई अपना अब पराया सा लगता है।