#बेवफा शायरी
हिन्दी
मजबूरी का पर्दा
“
वक्त की कमी या हालात का रोना रोते हो, हर बात पर तुम अब नया बहाना ढूंढते हो। बेवफाई को मजबूरी का नाम देना छोड़ दो, हम सब समझते हैं बस कुछ कहते नहीं हैं।
👁️ 1 बार पढ़ा गया
❤️ लोगों ने पसंद किया
टिप्पणियाँ
अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।
लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।