ख्वाबों का बसेरा
रात के सन्नाटे में तुम्हारा नाम पुकारते हैं, खुली आँखों से तुम्हारे ख्वाब निहारते हैं। तुम आ जाओ इस दिल की महफिल में, हम पलकें बिछाकर तुम्हारा इंतजार करते हैं।
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