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Modern Era 🗓️ काल: 1931 – 2002

Jaun Elia (जौन एलिया)

Syed Sibt-e-Ashghar Naqvi, commonly known as Jaun Elia, was an iconoclastic Urdu poet, philosopher, and scholar known for his non-conformist and deeply emotional couplets.
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गुलदस्ता

जौन एलिया की प्रसिद्ध शायरी व शेर

5 शेर उपलब्ध

चांदनी रात का एहसास

रात की इस खामोशी में तेरा नाम गुनगुनाता हूं, चांद को देखकर अक्सर तुझे गले लगाता हूं। फासले कितने भी क्यों न हों दरमियान हमारे, मैं हर सांस में सिर्फ तेरी खुशबू पाता हूं।

सफर-ए-मोहब्बत

हाथों में हाथ लेकर चलने का वादा किया था, हर मुश्किल रास्ते पर साथ रहने का इरादा किया था। आज भी तुम्हारी वो यादें मेरे साथ चलती हैं, जो हमने मिलकर एक खूबसूरत ख्वाब देखा था।

आंखों का पैगाम

तुम्हारी इन आंखों में कुछ ऐसा जादू है, बिना कुछ कहे दिल का हाल कह जाता हूं। नजरें जब मिलती हैं तुमसे ऐ सनम, मैं खुद को भूलकर सिर्फ तुम्हारा हो जाता हूं।

तेरी चाहत का असर

जब से मिला है तेरी मोहब्बत का सुकून, हर लम्हा जिंदगी का हसीन होने लगा है। आँखों में बस गया है चेहरा तेरा इस कदर, कि खुद से भी ज्यादा तू मुकम्मल होने लगा है।

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