#लव शायरी
हिन्दी
✍️ रचयिता:
जौन एलिया
चांदनी रात का एहसास
“
रात की इस खामोशी में तेरा नाम गुनगुनाता हूं, चांद को देखकर अक्सर तुझे गले लगाता हूं। फासले कितने भी क्यों न हों दरमियान हमारे, मैं हर सांस में सिर्फ तेरी खुशबू पाता हूं।
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