ख्वाबों का बसेरा

ख्वाबों का बसेरा

“
रात के सन्नाटे में तुम्हारा नाम पुकारते हैं, खुली आँखों से तुम्हारे ख्वाब निहारते हैं। तुम आ जाओ इस दिल की महफिल में, हम पलकें बिछाकर तुम्हारा इंतजार करते हैं।
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खामोश मोहब्बत

तुम्हारी पलकों की छांव में जो सुकून मिलता है, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलता। खामोश रहकर भी तुम बहुत कुछ कह जाते हो, दिल इस अदा पर तुम पर ही फिदा रहता है।

नजरों का जाम

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खूबसूरत ख्यालात

रात के सन्नाटे में जब तेरी याद आती है, चाँदनी भी मुझे तुझसे मिलाने आ जाती है। हर ख्वाब में बस तेरा ही चेहरा नजर आता है, और ये दिल मुस्कुराता है।

नैनों का सफर

तेरी आँखों में डूब जाने को जी चाहता है, इन गहराइयों में खो जाने को जी चाहता है। तू पास हो तो वक्त ठहर सा जाता है, तुझसे ही हर सुबह और हर शाम सजाना है।