वक्त की लकीरें
वक्त बदलता गया और फासले बढ़ते गए, पर दिल के किसी कोने में हम आज भी वही ठहर गए। तुम्हारी हर बात आज भी याद है मुझे यूं, जैसे कल ही हम दोनों मिले थे कहीं।
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राहत इन्दौरी
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