धूप और छांव सा प्यार
धूप सी तेज है याद तेरी, और छांव सा तेरा साथ प्रिये, हर मुश्किल घड़ी में बस यही सोचकर मुस्कुरा देता हूं, कि मेरे हाथों में है तेरा हाथ प्रिये।
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राहत इन्दौरी
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