रेलवे क्रॉसिंग का इंतजार
शाम के वक्त जब फाटक बंद होता है, तो वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। मोहन रोज़ इसी समय अपनी स्कूटी पर बैठकर ट्रेन के गुजरने का इंतज़ार करता है। आज भी वह वहीं खड़ा था, तभी उसकी नज़र एक बूढ़े व्यक्ति पर पड़ी जो बड़े प्यार से पटरी के उस पार देख रहा था। मोहन ने पूछा कि बाबा आप किसे देख रहे हैं। उस बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए बताया कि इसी ट्रेन से बरसों पहले उनका बेटा शहर गया था जो आज तक नहीं लौटा, लेकिन हर शाम उनका दिल कहता है कि वह शायद आज वापस आ जाएगा। यह सुनकर मोहन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। उसने महसूस किया कि इंतज़ार सिर्फ एक समय की बात नहीं है, बल्कि यह किसी की उम्मीद और जीवन का वो धागा है जो कभी कमज़ोर नहीं पड़ता। उस दिन से मोहन का नज़रिया बदल गया।
👁️ 1