पसीने की स्याही
किस्मत के भरोसे बैठने वाले हाथ मलते रह जाते हैं, पसीने की स्याही से अपनी तकदीर खुद बनाते हैं। जो राहों के पत्थरों को सीना चीरकर आगे बढ़ते हैं, वही असली मुकाम को पाते हैं।
👁️ 0