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मुस्कान का साया

मुस्कान का साया

“
गमों की धूप में भी मुस्कुराना सीखो, हर दर्द को दिल से भुलाना सीखो। ये दुनिया तो सिर्फ तमाशा देखती है, तुम्हें खुद ही अपना दीप जलाना सीखो।
”
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