गुलमोहर के लाल फूल

गुलमोहर के लाल फूल

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हर सुबह जब कॉलेज का रास्ता गुलमोहर के पेड़ों के नीचे से गुजरता था, तो जमीन लाल फूलों से पटी मिलती थी। अनिरुद्ध हमेशा इन फूलों को देखकर मुस्कुराता था, क्योंकि यही वह जगह थी जहाँ उसकी पहली नजर अनामिका पर पड़ी थी। अनामिका को प्रकृति से बहुत प्यार था और वह अक्सर इन गिरे हुए फूलों से कुछ न कुछ आकृति बनाती थी। एक दिन अनिरुद्ध ने हिम्मत करके एक सबसे सुंदर फूल उठाया और उसकी किताब के बीच रख दिया। उस छोटे से फूल ने बिना कुछ कहे वो सब कह दिया जो अनिरुद्ध कभी लबों से नहीं कह पाया था। आज भी वे दोनों हर साल उसी गुलमोहर के पेड़ के नीचे मिलते हैं और अपनी यादों को ताजा करते हैं।
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