#प्रेरणादायक कहानी
हिन्दी
रेगिस्तान का हरा सफर
“
एक समय की बात है, असीम रेत के समंदर में एक छोटा सा बबूल का पौधा अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था। चारों तरफ तपती धूप और पानी का नामोनिशान तक नहीं था, जिससे हर कोई यही सोचता था कि यह पौधा कुछ ही दिनों में सूख जाएगा। लेकिन उस पौधे ने अपनी जड़ों को जमीन में बहुत गहराई तक उतार लिया, ताकि वह नमी की तलाश कर सके। कई आंधियां आईं, उसकी पत्तियां झड़ीं और तना झुलस गया, पर उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। एक दिन, अचानक तेज बारिश हुई और रेगिस्तान में एक छोटी सी धारा बह निकली। उस छोटे से पौधे की मेहनत रंग लाई और देखते ही देखते उसने एक बड़े पेड़ का रूप ले लिया, जो आज कई मुसाफिरों को अपनी घनी छांव देता है। यह कहानी सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी यदि अटूट विश्वास रखा जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।
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