दर्द-ए-दिल
खामोशी से टूट जाने का हुनर सीख लिया,
हमने खुद से ही खुद को जुदा कर लिया।
कोई गिला नहीं इस बेरुखी ज़माने से,
हमने तन्हाई को अपना हमसफर बना लिया।
हमने खुद से ही खुद को जुदा कर लिया।
कोई गिला नहीं इस बेरुखी ज़माने से,
हमने तन्हाई को अपना हमसफर बना लिया।
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