#दर्द शायरी
हिन्दी
तन्हा समंदर
“
लहरों से शिकवा करें या साहिल से गिला, यहाँ तो हर कोई अपने ही गम में डूबा मिला। समंदर सा विशाल था सीने में दर्द का समंदर, पर कोई कश्ती हमें थामने ना मिला।
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